वो रिंग रोड की डिवाइडर पे खड़ा शीशम का पेड़,
आधा काला आधा हरा है;
ज़हरीले धुँए ने सेहत तो बिगाड़ दी है इसकी,
पर आज भी ये जीवन से भरा है.
ये चुपचाप खड़ा पेड़ हमेशा चुप नहीं रहता,
मद्धम चलती हवा के संग झूमता है, खेलता है;
इस हवा के गंदे होने का इसे शिकन नहीं ज़रा है,
आज भी ये जीवन से भरा है.
विषम स्थितियों से जूझता ये पेड़ जीवन का प्रतीक है,
धुँआ कठिनाइयों का और गाड़ियाँ इन कठिनाइयों के कारक;
इस शीशम के पेड़ से सटा एक और पेड़ है,
मुरझाया और गिरा हुआ,
धुँए ने इसे मार डाला है,
ये गिरा हुआ पेड़ उन कमजोर लोगों का प्रतीक है जो हार गये हैं...
ये मैं नहीं हूँ, कभी भी नहीं
आधा काला आधा हरा है;
ज़हरीले धुँए ने सेहत तो बिगाड़ दी है इसकी,
पर आज भी ये जीवन से भरा है.
ये चुपचाप खड़ा पेड़ हमेशा चुप नहीं रहता,
मद्धम चलती हवा के संग झूमता है, खेलता है;
इस हवा के गंदे होने का इसे शिकन नहीं ज़रा है,
आज भी ये जीवन से भरा है.
विषम स्थितियों से जूझता ये पेड़ जीवन का प्रतीक है,
धुँआ कठिनाइयों का और गाड़ियाँ इन कठिनाइयों के कारक;
इस शीशम के पेड़ से सटा एक और पेड़ है,
मुरझाया और गिरा हुआ,
धुँए ने इसे मार डाला है,
ये गिरा हुआ पेड़ उन कमजोर लोगों का प्रतीक है जो हार गये हैं...
ये मैं नहीं हूँ, कभी भी नहीं
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