ख्वाब मे एक चेहरा धुँधला सा है,
मैं जागता हूँ उसकी खुशबू लिए सांसो में;
उसकी जुल्फें आसमान की तरह असंख्य सितारे समेटे,
मैं उड़ता हूँ उसकी यादें लिए बाहों में,
उसकी आँखें गहरी झील सी शहद से भरे,
मैं डूबता हूँ इन नशीली आहों में,
उसके होंठ गुलाब की पंखुड़ियों सी ताज़गी लिए,
मैं सुगंधित हूँ इन बागों में.
दिल में कुछ ऐसी ही अपरिभाषित तस्वीर लिए,
मैं चलता हूँ अकेला इन राहों में
जाने कब तक अकेला इन राहों में...
मैं जागता हूँ उसकी खुशबू लिए सांसो में;
उसकी जुल्फें आसमान की तरह असंख्य सितारे समेटे,
मैं उड़ता हूँ उसकी यादें लिए बाहों में,
उसकी आँखें गहरी झील सी शहद से भरे,
मैं डूबता हूँ इन नशीली आहों में,
उसके होंठ गुलाब की पंखुड़ियों सी ताज़गी लिए,
मैं सुगंधित हूँ इन बागों में.
दिल में कुछ ऐसी ही अपरिभाषित तस्वीर लिए,
मैं चलता हूँ अकेला इन राहों में
जाने कब तक अकेला इन राहों में...
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