Sunday, April 28, 2013

मुझे बच्चा बना दो

समझदारी ले लो मेरी, मुझे सच्चा बना दो,
भगवान फिर से मुझे बच्चा बना दो.

फिर से मुझे खिलौने से खेलने दो,
फिर से कुछ कंचे उधार लेने दो;
फिर से मैं दौड़ू कटी पतंग के पीछे,
फिर से धूल से सने कपड़ों में घर लौटने दो;
फिर से उसकी चोटी खींचकर भागने मे अच्छा बना दो,
भगवान फिर से मुझे बच्चा बना दो.

ऊब चुका हूँ, हो कर समझदार,
फिर हराना है भाई को बन कर लाचार,
फिर तोड़ने हैं नदी पार कर मीठे बेर,
खाना है पेड़ पे चढ़ कर ईमली मजेदार,
फिर से तोड़कर आम कच्चा खिला दो,
भगवान फिर से मुझे बच्चा बना दो.

नही जाना मुझे फिर से काम पर,
नही भटकना बेवजह शॉपिंग की शाम पर;
नही चाहिए इंतज़ार पहली तारीख का,
नही करनी कलमबाज़ी बजट के नाम पर;
बस रोज़ पापा से अट्ठन्नी या सिक्का दिला दो,
भगवान फिर से मुझे बच्चा बना दो.

मुश्किल है निभाना ये अनोखा नियम,
एक हाथ देना दूसरे हाथ लेने का चलन;
सभी खेल रहे हैं जीत सभी को चाहिए,
हो व्यतिगत संबंध या व्यावसायिक जीवन;
इस खेल में मुझे खिलाड़ी कच्चा बना दो
भगवान फिर से मुझे बच्चा बना दो.

समझदारी ले लो मेरी, मुझे सच्चा बना दो,
भगवान फिर से मुझे बच्चा बना दो.

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