Thursday, December 13, 2012

आज उदास है मन


आज उदास है मन, हुआ कुछ नहीं है;
कुछ बातें चुभीं हैं दिल में, उसने कहा कुछ नहीं है.

उसकी बेबाक चुलबुली अदा ने घायल किया है हमें,
आज वो शांत है तो सबकुछ बेमतलब सा है;
चुप रह कर मुझसे खुश होने की उम्मीद है शायद;
बात यही चुभीं है दिल में, कि उसने कहा कुछ नहीं है.

जब ना मरने की और साथ जीने की कसम खाई थी मिलकर,
एक अनकहा वादा था, सताएँगे एक दूसरे को अनवरत,
कल हमने चिढ़ाया था उन्हें उनकी दोस्त को लेकर,
आज उनकी बारी है, और उसने कहा कुछ नहीं है.

आज उदास है मन, हुआ कुछ नहीं है;
कुछ बातें चुभीं हैं दिल में, उसने कहा कुछ नहीं है.

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