Tuesday, December 29, 2009

उदास आँखें

उसकी आँखें उदास सी हैं, फूल सा चेहरा मुरझाया सा है;
कुछ खोई सी लगती है वो, भरी दुपहरी में रात का साया सा है.
कल तक जो हँसी रोक ना पाती थी, आज गुमसुम सी है;
कहीं उलझी सी लगती है वो, कुछ दर्द उसमें समाया सा है.

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