Thursday, December 31, 2009

प्रकृति की गोद में

शांत सुंदर निर्मल हरित
भरपूर अन्न, खनिज, पूर्ण जीवित
प्रकृति इसका नाम है
मुझे कोई भय नही, मैं प्रकृति की गोद में हूँ.

वन उपवन खेत खलिहान
समुद्र खाई पर्वत और मैदान
इनसे इसकी पहचान है
मुझे कोई भय नही, मैं प्रकृति की गोद में हूँ.

वृक्ष नदियाँ पूरा पर्यावरण,
इनसे होता हमारा भरण पोषण
बचाओ इनको ये मानवता का आह्वान है
मुझे कोई भय नही, मैं प्रकृति की गोद में हूँ.

ग्लोबल वॉरमिंग का ये शोर
कृत्रिमता की अंधी दौड़
इस दौड़ का ही ये परिणाम है
मुझे कोई भय नही, मैं प्रकृति की गोद में हूँ.

आओ लौटें प्रकृति की ओर
झरने की आवाज़, ना हो मोटर का शोर
सत्य यही कि यही हमारी शान है
मुझे कोई भय नही, मैं प्रकृति की गोद में हूँ.

मुझे कोई भय नही, मैं प्रकृति की गोद में हूँ.

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